तुम मत भूलना कि तुम्हारी नारी जाति का आदर्श सीता सावित्री और दमयंती है।

               *स्वदेश मंत्र*

What is the Swadesh mantra given by

 Swami Vivekananda (HINDI)                             

 SWADESH MANTRA – Swami Vivekananda

ऐ भारत
क्या दूसरों की हाँ में हाँ मिला कर, दूसरों की ही नक़ल कर, परमुखापेक्षी हो कर, इस दासों की सी दुर्बलता, इस घृणित जघन्य निष्ठुरता से क्या तुम बड़े बड़े अधिकार प्राप्त करोगे?
क्या इसी लज्जास्पद कापुरुषता से तुम वीरभोग्या स्वाधीनता प्राप्त करोगे?
                   ऐ भारत,
तुम मत भूलना कि तुम्हारी नारी जाति का आदर्श सीता सावित्री और दमयंती है।
तुम मत भूलना कि तुम्हारे उपास्य सर्वत्यागी उमानाथ शंकर हैं।

Swami Vivekananda
Swami Vivekananda

मत भूलना कि तुम्हारा विवाह, तुम्हारा धन और तुम्हारा जीवन इंद्रीय सुख के लिए, व्यक्तिगत सुख के लिए नहीं है।

मत भूलना कि तुम जन्म से ही माता के लिए बलिदान स्वरुप रखे गए हो।
मत भूलना कि तुम्हारा समाज उस विराट महामाया की छाया मात्र है।
तुम मत भूलना कि नीच , अज्ञानी, दरिद्र, चमार और मेहतर तुम्हारा ही रक्त और तुम्हारे भाई हैं।
हे वीर, साहस का आश्रय लो। गर्व से बोलो कि मैं भारतवासी हूँ और प्रयेक भारतवासी मेरा भाई है। बोलो कि अज्ञानी भारतवासी, दरिद्र भारतवासी, ब्राह्मण भारतवासी, चांडाल भारतवासी सब मेरे भाई हैं।
तुम भी कटिमात्र वस्त्रावृत हो कर गर्व से पुकार कर कहो कि भारतवासी मेरे भाई है, भारतवासी मेरे प्राण हैं , भारत के देव देवियाँ मेरे ईश्वर हैं।
भारत का समाज मेरी शिशुसज्जा, मेरे यौवन का उपवन और मेरे वृद्धावस्था की वाराणसी हैं।
भाई, बोलो कि भारत की मिट्टी में ही मेरा स्वर्ग है। भारत के कल्याण में ही मेरा कल्याण है।
और रात दिन कहते रहो कि….
हे गौरीनाथ, हे जगदम्बे मुझे मनुष्यत्व दो।
माँ मेरी दुर्बलता और कापुरुषता दूर कर दो।
मुझे मनुष्य बनाओ।
जय हिंद

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