- _*गीता में साफ़ शब्दो मे लिखा है..*_
- _*निराश मत होना..*_
- _*कमजोर तेरा वक्त है..*_
- _*तू नही……..*_
- _*ये संसार “जरूरत” के नियम पर चलता है….*_
- _*सर्दियो में जिस “सूरज”*_
- _*का इंतजार होता है,*_
- _*उसी “सूरज” का गर्मियों में*_
- _*तिरस्कार भी होता है…..*_
- _*आप की कीमत तब तक होगी जब तक आपकी जरुरत है…!*_
- *”तालाब एक ही है..,*
- *उसी तालाब मे हंस मोती चुनता है और बगुला मछली…!*
- *सोच सोच का फर्क होता है…!*
- *आपकी सोच ही आपको बड़ा बनाती है…!!*
- *यदि हम गुलाब की तरह खिलना*
- *चाहते हो तो काँटों के साथ*
- *तालमेल की कला सीखनी होगी*…
☀
*हँसते रहिये हंसाते रहिये*
*सदा मुस्कुराते रहिये*
*☀*
*स्नेह वंदन*
*सदा मुस्कुराते रहिये*
*☀*
*स्नेह वंदन*
*सत्य को कहने के लिए किसी,*
*शपथ की जरूरत नहीं होती।*
*शपथ की जरूरत नहीं होती।*
*नदियों को बहने के लिए किसी,*
*पथ की जरूरत नहीं होती।*
*पथ की जरूरत नहीं होती।*
*जो बढ़ते हैं जमाने में,*
*अपने मजबूत इरादों के बल,*
*अपने मजबूत इरादों के बल,*
*उन्हें अपनी मंजिल पाने के लिए,*
*किसी रथ की जरूरत नहीं होती।*
*किसी रथ की जरूरत नहीं होती।*
*मँज़िले बड़ी ज़िद्दी होती हैँ , हासिल कहाँ नसीब से होती हैं !*
*मगर वहाँ तूफान भी हार जाते हैं , जहाँ कश्तियाँ ज़िद पर होती हैँ !*
*भरोसा ” ईश्वर ” पर है, तो जो लिखा है तकदीर में, वो ही पाओगे !*
*मगर , भरोसा अगर ” खुद ” पर है ,तो ईश्वर वही लिखेगा , जो आप चाहोगे !!!*
*काश*
*कोई ऐसा दर्जी मिल जाता*
*जो रिश्तों में*
*गलतफहमियों’ से हुए छेद को*
*सफाई से रफू कर देता*
*काश*
*कोई ऐसा दर्जी मिल जाता*
*जो रिश्तों में*
*गलतफहमियों’ से हुए छेद को*
*सफाई से रफू कर देता*
” दर्पण ” जब चेहरे का*
*” दाग ” दिखाता है,*
*तब हम ” दर्पण ” नहीं तोडते,*
*बल्की ” दाग ” साफ करते हैं |*
*” दाग ” दिखाता है,*
*तब हम ” दर्पण ” नहीं तोडते,*
*बल्की ” दाग ” साफ करते हैं |*
*उसी प्रकार, हमारी*
*” कमी ” बताने वाले*
*पर ” क्रोध ” करने के*
*बजाय अपनी ” कमी* “
*को दूर करना*
*”श्रेष्ठ ” हैं !!
*” कमी ” बताने वाले*
*पर ” क्रोध ” करने के*
*बजाय अपनी ” कमी* “
*को दूर करना*
*”श्रेष्ठ ” हैं !!