How can one get escape from one’s past karma?
।।जीवन का रहस्य एवं ईश्वरबोध।।
…. संसार में दुःख किसे नहीं मिला है, बोलो तो? वृन्दा ने कृष्ण से कहा था, ‘कौन कहता है कि तुम दयामय हो? राम अवतार में तुमने सीता को रुलाया, कृष्ण अवतार में राधा को रुला रहे हो। और तुम्हारे माता-पिता कंस के कारागार में कष्ठ पाते हुए दिन-रात “कृष्ण कृष्ण” करते रहे। तो भी तुम्हें इसलिए पुकारती हूँ कि तुम्हारे नाम से यम का भय नहीं रहता।’




